Sirpur (Chhattisgarh)

Sirpur, Chhattisgarh Overview

Sirpur is a small village located in the state of Chhattisgarh, situated on the banks of river Mahanadi. It is 35 km away from the Mahasamund district and around 78 km away from the city of Raipur, which is the capital of Chhattisgarh. The village of Sirpur is an archaeological wonder. Inspiration to many architects, this village is rich in its temple culture. A quaint hidden gem, it has a deep connection to the Buddhism world and a treasure for archaeological findings from the 8th century.
There are numerous temples one can visit, and is generally a hub for passionate historians. A look at the historical artefacts and the deep carvings on the walls of the temples have inspired many architects around the world. The Buddhist monasteries of this village are said to be one of the most important and most significant in India. Apart from the rich historical importance and fascinating findings in these villages, there is more to this village. The Chhattisgarh Tourism Board organises a music and dance festival here to promote the Buddhist sites and celebrate its culture. Offering a rare mix of art and culture with different performance and a deep history and evolution of art, Sirpur is a peaceful village filled with wonders.

सिरपुर ,छत्तीसगढ़

भारत के छत्तीसगढ़ राज्य स्थित  सिरपुर एक ऐतिहासिक नगर है, जिसके नाम अतीत के कई महत्वपूर्ण पन्ने दर्ज हैं। यह प्राचीन नगर राज्य के महासमुंद जिले का अभिन्न अंग है। यहां से होकर गुजरती महानदी इस पूरे क्षेत्र को संवारने का काम करती है। माना जाता है कि गौतम बुद्ध के काल के दौरान यह एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था, इसलिए आज भी यहां बौद्ध धर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य देखे जा सकते हैं।बौद्ध धर्म को लेकर छठी से दसवी शताब्दी के मध्य इन नगर की भूमिक अग्रणी बताई जाती है। इस स्थल के धार्मिक महत्व के कारण यहां दलाई लामा का आगमन भी हो चुका है। लोगों का मानना है कि 12 शताब्दी के दौरान यह स्थल मिट्टी में दफन हो गया था, जिसे बाद में खोजा गया। इस लेख के माध्यम से जानिए अपने विभिन्न स्थलों केसाथ यह प्राचीन नगर आपको किस प्रकार संतुष्ट कर सकता है।

लक्ष्मण मंदिर

सिरपुर अपने ऐतिहासिक महत्व के साथ विभिन्न धर्मों का प्रतिनिधित्व भी करता है, जिसमें हिन्दू और बौद्ध मुख्य हैं। आप यहां कई आकर्षक प्राचीन मंदिरों को देख सकते हैं, जिसमें लक्ष्मण मंदिर मुख्य माना जाता है। ईंटों की बड़ी संरचना पर खड़ा लाल पत्थरों का यह मंदिर यहां सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थानों में शामिल है। मंदिर की वास्तुकला खासकर दीवारों पर उकेरी गई नक्काशी देखने लायक हैं। इस मंदिर को देखकर आपके प्राचीन भवन निर्माण शैली को समझ सकते हैं। यह एक मजबूत संरचना है जो अपने बड़े आधार के साथ आज भी खड़ी है। सिरपुर छत्तीसगढ़ भ्रमण के दौरान आप यहां आ सकते हैं।

बुद्ध विहार

जैसा की आपको बताया गया है कि यह स्थल बौद्ध धर्म से भी संबंध रखता है, इसलिए यहां इस धर्म से जुड़े कई प्रसिद्ध स्थल मौजूद है, जिनमें आप सबसे ज्यादा देखे जाने वाले बुद्ध विहार की सैर कर सकते हैं। यह स्थल बौद्ध धर्म से जुड़े अनुयायियों के लिए एक तीर्थ स्थल माना जाता है। यहां प्राप्त के की गई मूर्तियों और पत्थरों से पता चलता कि यह स्थल किसी वक्त बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। बुद्ध विहार इतिहासकारों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आप बौद्ध वास्तुकला को भी करीब से जान सकते हैं।

 

पुरातत्व संग्रहालय

आप सिरपुर छत्तीसगढ़ के एक और सबसे प्रसिद्ध स्थान पुरातत्व संग्रहालय की सैर कर सकते हैं। एसएसआई का यह म्यूजियम इतिहासकरों, कला प्रेमियों और इतिहास के खोजियों के लिए काफी ज्यादा मायने रखता है। यहां बहुत से लोग हिन्दू और बौद्ध धर्म से जुड़े साक्ष्यों की तलाश में आते हैं। यह पुरातत्व संग्रहालय लक्ष्मण मंदिर के परिसर में स्थित है। आप यहां हिन्दू, बौद्ध धर्म के अलावा जैन धर्म से जुड़े हस्तशिल्पों को भी देख सकते हैं। इस संग्रहालय में आप चतुर्मुखी शिवलिंग को भी देख सकते हैं जो यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

बरनवापारा

ऐतिहासिक स्थलों के अलावा आप यहां के खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। शिरपुर से 15 किमी की दूरी पर स्थित बरनवापारा एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो हरे भरे माहौल के लिए काफी प्रसिद्ध है। बरनवापारा अपने वन्यजीव अभयारण्य के लिए जाना जाता है, जहां आप कई दर्लभ वनस्पतियों और जीवों को देख सकते हैं। इस स्थल का नाम यहां के दो जंगलों (बार और नवारापा) के नाम पर पड़ा है। एक रोमांचक सैर के लिए आप यहां का भ्रमण कर सकते हैं। बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य अपने शानदार अनुभवों के लिए काफी लोकप्रिय है।

 

बलेश्वर मंदिर

आप यहां के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकते हैं। बलेश्वर मंदिर यहां के चुनिंदा पवित्र स्थलों में गिना जाता है। यह एक प्राचीन मंदिर है जो 12 शताब्दी के दौरान मलबे में खो गया था, जिसे बाद में खोजा था। इस मंदिर का नाम कुछ इस प्रकार रखा गया है ताकि इस मदिंर के साथ महान राजा महाशिवगुप्त बालार्जुन का नाम भी लिया जा सके। यहां के लोक-साहित्य से पता चलता है कि इस मंदिर को बनाने का सपना राजा महाशिवगुप्त ने ही देखा था, जिन्होंने शिरपुर में और भी कई शानदार मंदिरों का निर्माण करवाया था।

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